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उत्तर प्रदेश की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति



राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना के लिए  सहायक और अनुकूल माहौल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति -2012 का शुभारंभ किया। इस नीति का उद्देश्य मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देकर किसानों को उनके उत्पादों के लिए निष्पक्ष और आर्थिक रूप से पुरस्कृत मूल्य सुनिश्चित करना है।

उद्देश्य:

  • पूरे राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना करना।
  • प्राथमिक क्षेत्र (Primary Sector) में कटाई के बाद कच्चे उत्पाद के नुकसान को कम करना
  • उत्पादों की विभिन्न किस्मों को उचित मूल्य पर उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराना
  • खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करना
  • उपर्युक्त उद्योग में निवेशक द्वारा किए गए निवेश की निष्कपट वापसी

नीति का मुख्य आकर्षण:

ब्याज Subsidy-

  • इस क्षेत्र में नई इकाइयों को संयंत्र, मशीनरी और स्पेयर पार्ट्स खरीदने को, लिए गये ऋण के ब्याज पर 5 वर्ष की अवधि के लिए 7% प्रतिपूर्ति (अधिकतम 50 लाख रू. प्रतिवर्ष)

पूंजी निवेश Subsidy-

  • इकाइयों की स्थापना, विस्तार और आधुनिकीकरण/उन्नयन के कारण आयी संयंत्र, मशीनरी और तकनीकी सिविल कार्य की लागत पर 25% सब्सिडी (अधिकतम 50 लाख रू.)
  • राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन के तहत गैर-बागवानी उत्पादों के लिए एकीकृत कोल्ड चेन और प्रसंस्करण के बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए संयंत्र, मशीनरी और तकनीकी सिविल कार्य की लागत पर इकाइयों को 50% सब्सिडी (अधिकतम 10 करोड़ रू.)

अनुसंधान और विकास अनुदान-

  • 3 वर्ष के लिए प्रत्येक सरकारी/ अर्द्धसरकारी संस्थानों को अनुसंधान एवं विकास खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित परियोजनाओं के लिए 30 लाख की अधिकतम राशि के साथ 100% वार्षिक अनुदान।
  • 3 वर्ष के लिए प्रत्येक सरकारी/ अर्द्धसरकारी संस्थानों को खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित प्रोटोकॉल विकास परियोजनाओं के लिए 10 लाख की अधिकतम राशि के साथ 100% वार्षिक अनुदान।

बाजार के विकास के लिए सहायता

  • संयंत्र, मशीनरी और स्पेयर पार्ट्स पर रू. 25 लाख की अधिकतम निवेश वाली नई इकाइयों को सहायता।
  • यूपी के एक प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद का नमूना गैर सार्क देशों में test marketing लिए भेजने पर किए गए खर्च के लिए प्रत्येक लाभार्थी को 50,000 की अधिकतम राशि के साथ 50% प्रतिपूर्ति।
  • प्रसंस्कृत उत्पादों के वायुमार्ग/जलमार्ग से गैर सार्क देशों को निर्यात करने पर रू. 2 लाख की अधिकतम राशि के साथ एफओबी मूल्य संवर्धन के 20% प्रतिपूर्ति।

राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन के तहत मानव संसाधन विकास के लिए सहायता

  • राज्य में खाद्य प्रसंस्करण में डिग्री / डिप्लोमा / सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम चलाने के लिए ढांचागत सुविधाओं के खर्च के लिए 75 लाख रू तक अनुदान।
  • मशीनरी के लिए 11 लाख रू., इसके अलावा बहु उत्पाद लाइन खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण केंद्र के लिए seed capital/ revolving fund के लिए 4 लाख रू. तथा उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) के लिए 2 लाख रू. तक का अनुदान।

स्टाम्प Duty से छूट

  • नयी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को राज्य में कहीं भी क्रय / पट्टे पर भूमि के लिए स्टांप शुल्क पर 100% छूट।
  • नए निर्यात उन्मुख रू. 5 करोड़ या अधिक के निवेश की इकाइयों को संयंत्र और मशीनरी खंड में 10 साल की अवधि के लिए मंडी शुल्क से 100 छूट।
  • यह पेशकश 10 करोड़ रुपये या इससे ऊपर के निवेश के सभी नए निर्यात उन्मुख इकाइयों के लिए है।

 

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